दुआ है कि वो अब ख़्वाबों में न मिले
और मेरी आंखों में कोई आँसू न मिले
वो मेरे दीदार के लिए बेहद तड़पे
और उससे मेरा साया भी न मिले
जो ग़लत-फ़हमी हम दोनों में है
ढूँढने से भी उसको कोई उसका सिरा न मिले
मेरी यादों की उलझन में इतना उलझ जाए
कि यादों से भागने का रास्ता न मिले
मेरी बातों के समुंदर में इतना डूबे
कि भूलकर भी उसको कोई किनारा न मिले
जिस दिन मिलना उसी दिन ही बिछड़ना
अब हमें मिलाने वाला कोई दिन न मिले
बंद आँखें जब भी करे सोने के लिए
नींदों के देश का कोई रास्ता न मिले
मैं दूर उस से इतनी दूर चली जाऊं
कि मेरा उसे कोई भी निशाँ न मिले
मेरे दिल को बे-दर्दी से तोड़ने वाले
अब तुझको मुझ सा कोई न मिले
चाहतों का मौसम दो दिन में गुज़र गया
मुझ सी चाहने वाली अब उसे कोई न मिले
मेरी आंखों से ख्वाब छीनने वाले
तेरे लिए दुआ मैं मांगू पर तुझे मेरा प्यार न मिले

with.spl.thx- Vibha

5 Comments:

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) said...

जिस दिन मिलना उसी दिन ही बिछड़ना
अब हमें मिलाने वाला कोई दिन न मिले
बंद आँखें जब भी करे सोने के लिए
नींदों के देश का कोई रास्ता न मिले
मैं दूर उस से इतनी दूर चली जाऊं
कि मेरा उसे कोई भी निशाँ न मिले
rajeev ji bhut hi sunder dard bhari dua
meri nayi kavita
mati ke gaddar padhe
saadar
praveen pathik
9971969084

ओम आर्य said...

milana our bichhadana apane hath me nahi hota hai .........par aapki kawita ki bhaw yah bataati hai ki aap jab kisi ke pyaar me hote hai.......to aisi bhaw tab aate hai jab usak pyar aap tak nahi pahuch pata hai isliye ............pyaarwash yah sab likhate hai.........sundr jisame pyar hai...

nidhitrivedi28 said...

Hey Dear ! It's beautiful, I'm touched. Painful but written with very interesting & loving way. Let me correct, u wrote it? Doubt just because ur name is Ravi Shrivastav right? & u say....
मुझ सी चाहने वाली अब उसे कोई न मिले
मेरी आंखों से ख्वाब छीनने वाले
तेरे लिए दुआ मैं मांगू पर तुझे मेरा प्यार न मिले

Udan Tashtari said...

ओह्ह!! बहुत सुन्दर!

M VERMA said...

मेरी आंखों से ख्वाब छीनने वाले
तेरे लिए दुआ मैं मांगू पर तुझे मेरा प्यार न मिले
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bahut khoob
एहसास की सुन्दर कविता.