है समस्या बेटे अगर समाधान हैं बेटियाँ
तपती धुप में जैसे ठंडी छाँव हैं बेटियाँ
होकर भी धन पराया हैं सच्चा धन अपना
दिखावे की दुनिया में महादान हैं बेटियाँ
अपनी बधाई की और की सबने बहुत चर्चाये
हैं धान्प्ती कमियों की मेहरबान हैं बेटियाँ
तनावभरी गृहस्थी में हैं चारो और तनाव
व्यंग-बाणों के बीच कैसी ढाल हैं बेटियाँ
हैं दूर वे हम सब से फ़िक्र उन्हें हमारी
करती दुआएं हरदम खैरख्वाह हैं बेटियाँ
है बेटा अगर ये रोशन जिससे
दो घर जिनसे रोशन अफताब हैं बेटियाँ
हैं लोग वो जल्लाद जो ख़त्म उन्हें है करते
टिका जिन पर परिवार वह बुनियाद हैं बेटियाँ
मांगती हैं मन्नत बेटों की खातिर दुनिया
अपनी नज़रों में दोस्तों महान हैं बेटियाँ
WST-Neel

4 Comments:

दिगम्बर नासवा said...

सच कहा बेटियाँ न हो तो घर घर नहीं रहता........... बेटियाँ तो taaj होती है saron का..... लाजवाब लिखा है

Dhiraj Shah said...

आज
बेटियाँ हमारे घर की शान है,
बेटियाँ हमारे घर की ताज है
बेटियाँ हमारे घर की मान है
बेटियाँ हमारे घर की सम्मान है
बेटियाँ हमारे घर की रोशनी है

बेटियों बिना हम अधुरे है

vandana said...

betiyon par bahut hi pyari rachna likhi hai........bahut badhiya.

M VERMA said...

betiyon ko mera salaam