'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' को बचाने की बालाजी टेलीफ़िल्म्स की कोशिश कामयाब नहीं हो पाईं है और मुंबई हाईकोर्ट ने सीरियल को एक महीने में बंद करने के स्टार टीवी के नोटिस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। ‘क्योकि सास भी कभी बहु थी ’ धारावाहिक के प्रसारण की याचिका बोम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह सीरीयल १० नवम्बर को बंद हो जायेगा. इस सीरियल को बंद करने के लिए स्टार टीवी ने बालाजी टेलीफ़िल्म्स की प्रमुख एकता कपूर को एक महीने का नोटिस दिया था.

इसके ख़िलाफ़ बालाजी टेलीफ़िल्म्स ने मुंबई हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन हाई कोर्ट ने शुक्रवार शनिवार को स्टे देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर को निर्धारित कर दी. स्टार के वकील रवि कदम का कहना था कि अनुबंध में ये बात थी कि अगर सीरियल की टीआरपी गिरती है तो उसे इस आधार पर इसे बंद किया जा सकता है. लेकिन बालाजी की दलील है कि स्टार प्लस ने इस सीरियल की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए पर्याप्त विज्ञापन नहीं दिए.

स्टार प्लस पर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का प्रसारण पिछले आठ साल से किया जा रहा है। स्टार प्लस हो या बालाजी टेलीफिल्म्स, दोनों को ही समाज में पड़ते इसके दुष्प्रभावों से कोई सरोकार नही है. इन सीरीयलों में घर की औरतों को एक दुसरे को नीचा दिखाने, पति को अपनी अंगुली पर नचाने और अपनी ही देवरानी या जेठानी के बिरुद्ध साजिश रचते हुए दिखाया जाता है. इस प्रकार के सीरीयल समाज में ठीक ठाक चल रहे परिवारों को तोड़ने और अशांति फैलाने के काम कर रहे हैं. ऐसे धारावाहिकों पर रोक लगाना सर्वथा उचित ही है.

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