उस को मेरा हल्का सा एहसास तो है,
बेदर्द ही सही वो मेरी हमराज़ तो है।

वो आए न आए मेरे पास लेकिन,
सिद्दत से मुझे उसका इंतज़ार तो है।

अभी नही तो क्या हुआ, मिल ही जायेगी कभी,
मेरे दिल में उससे मिलने की आस तो है।

प्यार की गवाही मेरे आंसुओं से न मांगो,
बरसती नही आँखें मगर दिल उदास तो है।

2 Comments:

Palak said...

jantay ho sab se accha kya laga muje is post mai .. ha ha ha ye snap... sachiii churanay ka man kar gaya ki image chura lu.. and yes offcourse lines r Awesome...

BrijmohanShrivastava said...

आदत के मुताविक आगया रायता फैलाने /बिन . बुलाया मेहमान /आप कौन ?बोले खांमुखा /दोष निकालूँगा /उसको मेरा की जगह उनको मेरा /मेरी हमराज़ की जगह मेरे हमराज / उसका इंतज़ार की जगह उनका इंतज़ार /मिल ही जायेगी की जगह मिल ही जायेंगे कहीं /उससे मिलने की जगह उनसे मिलने की आस तो है /बरसती नहीं आँखे दिल उदास तो है में आपने इतना कुछ कह दिया है कि लिखने को शब्द नहीं है /
उत्पीड़क अंश के लिए सह्रदय क्षमाकांक्षा स्वीकारें / वो तो मैं महबूबों के प्रति बहुत आदरभाव रखता हूँ श्रद्धा से सर झुकाता हूँ इसलिए लिखने में आगया /