खुदा ने सपने में कहा...
अपने ग़मों की यूं नुमाइश न कर,
अपने नसीब की यूं आज़माइश न कर.
जो तेरा है तेरे दर पर खुद आएगा,
रोज़-रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर.

5 Comments:

vandana said...

waah ........kya khoob likha hai.shandaar.

अनिल कान्त : said...

mazaa aa gaya !!

mehek said...

waah bahut khub

Udan Tashtari said...

बहुत बेहतरीन!!

दिगम्बर नासवा said...

जो तेरा है तेरे दर पर खुद आएगा,
रोज़-रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर.

वाह............बहुत ही लाजवाब लिखा है............मज़ा आ गया रवि जी