अगर अहसास हो तुम को
कि तुम अच्छा नही करते
हमें जो यूँ रुलाते हो
जो दिल मेरा जलाते हो
अगर इस आग में जल कर
हम एक दिन राख हो जाएँ
हमें दिल से भुला देना
समंदर में बहा देना
मगर…
इतना याद रखना
कि जिससे दिल लगाओ तुम
वो तुम जैसा न हो हरगिज़
वरना तुम भी रोओगे
हमें जैसे रुलाते हो
अगर अहसास हो तुम को.

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उनसे कहना कि मैं बहुत खुश हूँ ,
बस उनकी यादें सताती हैं।
उनकी दूरी का गम नही मुझे,
बस ज़रा पलकें भीग जाती हैं।

2 Comments:

दिगम्बर नासवा said...

उनसे कहना कि मैं बहुत खुश हूँ ,
बस उनकी यादें सताती हैं।
उनकी दूरी का गम नही मुझे,
बस ज़रा पलकें भीग जाती हैं

वाह रवि जी
बहूत ही लाजवाब हैं आपके शेर.............सचमुच ऐसे में पलकें भीग जाती हैं......गज़ब लिखा है

vandana gupta said...

kya khoob likha hai.........dil ka dard lafzon mein bayan kar diya hai..........kuch ahsaas ye samajh pate .........kash!