पडा रहू मैं सदा सदा

भगवन तेरे चरणों मे

यही तमन्ना मेरे मालिक

दम निकले तेरे चरणों मे

तुम तरु मैं लतिका निर्बल

लिपटा लो अपने चरणों मे

बनकर रेत का नन्हा कण

द्वारे पे तेरे पडा रहू

सफल अपना जीवन कर लू

लिपट रहू जब चरणों मे

2 Comments:

Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर भाव!

अर्चना गंगवार said...

तुम तरु मैं लतिका निर्बल

ati sunder bhaaav ke saath shabd sajoye hai....
aapki rachna mein namrata ka bhav sabse uper hota hai