सूनी
हर गली पर
एक आस का दीया,
नयनों की
एक झलक से
तुम ने जला दिया ।

मन की यह
अमावस
उजाली हो गई,
परम उज्जवल
पर्व सी
दीवाली हो गई ।

सूखे
इस ठूंठ को
आतिश बना दिया ।

राकेश 'सोहम'

2 Comments:

दिगम्बर नासवा said...

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

Udan Tashtari said...

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल ’समीर’