दिल के हर लफ्ज़ो को ब्यान करते,


खुशियाँ और गम को समेटते ये फूल


हर हाल मे जीना सिखाते,


मौसम के हर रंग को सहना सिखाते ये फूल।


गम-ए-दिल को हसना सिखाते,


नई उम्मीद और उमंग जगाते ये फूल


आँखों से उतर कर दिल को सुकुन पहुँचाते,


चंचल हवाओ के संग उड जाना सिखाते ये फूल।


दिलो के दरमिया दुरियाँ मिटाते,


राह चलते राही का दिल लुभाते ये फूल


फिज़ाओ को महकाते और राहो मे बिछ जाते,


दिलरूबा के होठो पे मुस्कुराहट लाते ये फूल।


4 Comments:

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत सुन्दर...

ओम आर्य said...

क्या कहे .....आंखो से बहुत ही गहरे उतर गये !

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया !!

M VERMA said...

फूल बहुत कुछ करते है.
बहुत खूबसूरत रचना