उन्हें ये शिकवा है कि हम,
उन्हें याद करते ही नही।
पर उन्हें ये कौन समझाए कि हम उन्हें याद कैसे करें,
जिन्हें हम कभी भूलते ही नही।

होती नही मोहब्बत सूरत से,
मोहब्बत तो दिल से होती है।
सूरत उनकी ही प्यारी लगती है,
कदर जिनकी दिल में होती है।

ज़िन्दगी में कुछ पल ऐसे आएंगे,
जब हम तुम्हारे साथ न रह पाएंगे।
तुम मायूस न होना उन राहों पर,
हम तुम्हारे दिल में होंगे सिर्फ़ साथ न चल पाएंगे।

6 Comments:

Palak said...

हम तुम्हारे दिल में होंगे सिर्फ़ साथ न चल पाएंगे।

ye lines bahut khubsurat hai ravi.. keep posting

दिगम्बर नासवा said...

क्या बात लिखी है.......कैसे उन्हे बताएँ जो भूले ही नही, उन्हे कैसे याद करते हैं

Unknown said...

बिल्कुल दिल को छु गयी रवि जी आपकी ये लाइन।

Nishikant Kumar said...

बिल्कुल दिल को छु गयी रवि जी आपकी ये लाइन।

Nishikant Kumar said...

बिल्कुल दिल को छु गयी रवि जी आपकी ये लाइन।

Nishikant Kumar said...

बिल्कुल दिल को छु गयी रवि जी आपकी ये लाइन।