दुनिया भर में तेजी से पांव पसारते जा रहे एड्स का इलाज अब सम्भव हैं। इस स्थिति की भयावहता का ही यह परिणाम है कि एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब आमतौर पर जिंदगी का अंत मान लिया जाता है, लेकिन यह अधूरा सच है। अगर डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक चला जाए तो एचआईवी पॉजिटिव लोग भी लंबे समय तक सामान्य जीवन जी सकते हैं।

क्या है एचआईवी और एड्स ?


एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) एक ऐसा वायरस है, जिसकी वजह से एड्स होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। जिस इंसान में इस वायरस की मौजूदगी होती है, उसे हम एचआईवी पॉजिटिव कहते हैं। आमतौर पर लोग एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब ही एड्स समझने लगते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।


दरअसल, होता यह है कि एचआईवी के शरीर में प्रवेश कर जाने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (बीमारियों से लड़ने की क्षमता) धीरे-धीरे कम होने लगती है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से शरीर पर तमाम तरह की बीमारियां और इन्फेक्शन पैदा करने वाले वायरस आदि अटैक करने लगते हैं। एचआईवी पॉजिटिव होने के करीब 8 से 10 साल बाद इन तमाम बीमारियों के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है। वैसे, एचआईवी पॉजिटिव होने के बाद से एड्स होने तक के वक्त को दवाओं की मदद से बढ़ाया जा सकता है और कुछ बीमारियों को ठीक भी किया जा सकता है। जाहिर है, एचआईवी पॉजिटिव होना या एड्स अपने आप में कोई बीमारी नहीं हैं, बल्कि इसकी वजह से बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है और तमाम बीमारियां अटैक कर देती हैं।


कैसे काम करता है एड्स का वायरस -


वायरस (एचआईवी) की वजह से एड्स होता है। यह वायरस शरीर की जीवित कोशिका (लिविंग सेल) के अंदर रहता है। शरीर से बाहर यह आधे घंटे से ज्यादा रह नहीं सकता। यानी खुले में इस वायरस के जीवित रहने, पनपने या फैलने की कोई आशंका नहीं है।


एचआईवी दो तरह का होता है -


एचआईवी-1 और एचआईवी-2


एचआईवी-1 पूरी दुनिया में पाया जाता है और भारत में भी 80 फीसदी मामले इसी के हैं। एचआईवी-2 खासतौर से अफ्रीका में मिलता है। भारत में भी कुछ लोगों में इसका इन्फेक्शन देखा गया है। कुछ लोगों को दोनों वायरस की वजह से इन्फेक्शन होता है। वैसे, एचआईवी-2 इन्फेक्शन वाले लोग एचआईवी-1 वालों से ज्यादा जीते हैं। मां से बच्चे में एचआईवी-2 ट्रांसफर होने के चांस न के बराबर होते हैं।


शरीर में घुसने के बाद यह वायरस वाइट ब्लड सेल्स पर अटैक करता है और धीरे-धीरे उन्हें मारता रहता है।


इन सेल्स के खत्म होने के बाद इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ने की हमारे शरीर की क्षमता कम होने लगती है। नतीजा यह होता है कि आए दिन शरीर में तमाम तरह के इन्फेक्शन होने लगते हैं। एचआईवी इन्फेक्शन की यह लास्ट स्टेज है और इसी स्टेज को एड्स कहा जाता है।


ऐसे फैल सकता है -


• एचआईवी पॉजिटिव पुरुष या महिला के साथ अनसेफ (कॉन्डम यूज किए बिना) सेक्स से, चाहे सेक्स होमोसेक्सुअल ही क्यों न हो।


• संक्रमित (इन्फेक्टेड) खून चढ़ाने से।


• एचआईवी पॉजिटिव महिला से पैदा हुए बच्चे में। बच्चा होने के बाद एचआईवी ग्रस्त मां के दूध पिलाने से भी इन्फेक्शन फैल सकता है।


• खून का सैंपल लेने या खून चढ़ाने में डिस्पोजेबल सिरिंज (सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल में आने वाली सुई) न यूज करने से या फिर स्टर्लाइज किए बिना निडल और सिरिंज का यूज करने से।


• हेयर ड्रेसर (नाई) के यहां बिना स्टर्लाइज्ड (रोगाणु-मुक्त) उस्तरा, पुराना इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से।


• सलून में इन्फेक्टेड व्यक्ति की शेव में यूज किए ब्लेड से। सलून में हमेशा नया ब्लेड यूज हो रहा है, यह इंशुअर करें।



ऐसे नहीं फैलता -


• चूमने से। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को एड्स है और उसके मुंह में कट या मसूड़े में सूजन जैसी समस्या है, तो इस तरह के व्यक्ति को चूमने से भी एड्स फैल सकता है। यानी एड्स का संक्रमण चूमने पर भी फैल सकता है, अगर सावधानी न बरती जाए।


• हाथ मिलाना, गले मिलना, एक ही टॉयलेट को यूज करना, एक ही गिलास में पानी पीना, छीकने, खांसने से इन्फेक्शन नहीं फैलता।


• एचआईवी शरीर के बाहर ज्यादा देर तक नहीं रह सकता, इसलिए यह खाने और हवा से भी नहीं फैलता।


• रक्तदान करने से बशर्ते खून निकालने में डिस्पोजेबल (इस्तेमाल के बाद फेंक दी जाने वाली) सुई का इस्तेमाल किया गया हो।


• मच्छर काटने से।


• टैटू बनवाने से, बशर्ते इस्तेमाल किए जा रहे औजार स्टर्लाइज्ड हों।


• डॉक्टर या डेंटिस्ट के पास इलाज कराने से। ये लोग भी आमतौर पर स्टरलाइज्ड औजारों का ही इस्तेमाल करते हैं।



इनके जरिए पहुंचता है वायरस –


• ब्लड


• सीमेन (वीर्य)


• वैजाइनल फ्लूइड (स्त्रियों के जननांग से निकलने वाला दव)


• ब्रेस्ट मिल्क


• शरीर का कोई भी दूसरा फ्लूइड, जिसमें ब्लड हो मसलन, बलगम


• इनसे भी फैल सकता है एड्स (इनके संपर्क में अक्सर मेडिकल पेशे से जुड़े लोग ही आते हैं)


• दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड के इर्द-गिर्द रहने वाला दव


• हड्डी के जोड़ों के आसपास का दव


• भ्रूण के आसपास का दव



ये लक्षण हैं तो शक करें –


एचआईवी से ग्रस्त इंसान शुरू में बिल्कुल नॉर्मल और सेहतमंद लगता है। कुछ साल बाद ही इसके लक्षण सामने आते हैं। अगर किसी को नीचे दिए गए लक्षण हैं, तो उसे एचआईवी का टेस्ट कराना चाहिए :


• एक महीने से ज्यादा समय तक बुखार बने रहना, जिसकी कोई खास वजह भी पता न चले।


• बिना किसी वजह के लगातार डायरिया बने रहना।


• लगातार सूखी खांसी।


• मुंह में सफेद छाले जैसे निशान होना।


• बिना किसी वजह के लगातार थकान बने रहना और तेजी से वजन गिरना।


• याददाश्त में कमी, डिप्रेशन आदि।


(नोट : ये सभी लक्षण किसी साधारण बीमारी में भी हो सकते हैं। )




एचआईवी के लिए मेडिकल टेस्ट –


किसी को एचआईवी इन्फेक्शन है या नहीं, यह पता करने का अकेला तरीका यही है कि उस इंसान का ब्लड टेस्ट किया जाए। लक्षणों के आधार पर शक किया जा सकता है, लेकिन यह पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि एचआईवी है या नहीं, क्योंकि एचआईवी के लक्षण किसी दूसरी बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं। कई मामलों में ऐसा भी होता है कि एचआईवी पॉजिटिव होने के बाद कई साल तक कोई लक्षण सामने नहीं आता।


एचआईवी टेस्ट और काउंसलिंग के लिए सरकार ने पूरे देश में 5 हजार इंटिग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) बनाए हैं। इन सेंटरों पर व्यक्ति की काउंसलिंग और उसके बाद बाजू से खून लेकर जांच की जाती है। यह जांच फ्री होती है और रिपोर्ट आधे घंटे में मिल जाती है। आमतौर पर सभी जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और कुछ कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों पर यह सुविधा उपलब्ध है। यहां पूरी जांच के दौरान व्यक्ति की आइडेंटिटी गुप्त रखी जाती है। पहले रैपिड या स्पॉट टेस्ट होता है, लेकिन इस टेस्ट में कई मामलों में गलत रिपोर्ट भी पाई गई हैं। इसलिए स्पॉट टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद व्यक्ति का एलाइजा टेस्ट किया जाता है। एलाइजा टेस्ट में कन्फर्म होने के बाद व्यक्ति को एचआईवी पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दे दी जाती है।


एचआईवी कन्फर्म हो जाने के बाद मरीज को इलाज के लिए एआरटी सेंटर पर भेजा जाता है। पूरे देश में ऐसे करीब 280 एआरटी सेंटर हैं। इन सेंटरों पर इलाज शुरू करने से पहले व्यक्ति का एक और ब्लड टेस्ट किया जाता है, जिसमें उसकी सीडी-4 सेल्स की संख्या का पता लगाया जाता है। अगर यह संख्या 250 से कम है तो व्यक्ति का फौरन इलाज शुरू कर दिया जाता है और अगर उससे ज्यादा है तो डॉक्टर उसे कुछ दिन बाद आने की सलाह दे सकते हैं। इन सेंटरों पर भी काउंसिलर भी होते हैं, जो इलाज के साथ-साथ व्यक्ति की काउंसलिंग भी करते हैं। इलाज फ्री होता है और व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है।


ज्यादातर मामलों में एचआईवी इन्फेक्शन हो जाने के दो हफ्ते के बाद टेस्ट कराने पर ही टेस्ट में इन्फेक्शन आ पाता है, उससे पहले नहीं। कई बार इसमें छह महीने भी लग जाते हैं। ऐसे में अगर किसी को लगता है कि उसका कहीं एचआईवी के प्रति एक्सपोजर हुआ है और फौरन टेस्ट कराता है, तो टेस्ट का रिजल्ट नेगटिव भी आ सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उस व्यक्ति को इन्फेक्शन नहीं हो सकता। ध्यान रखें कि एचआईवी को शरीर में एक्टिव होने में छह महीने तक लग सकते हैं। इसलिए छह महीने बाद एक बार फिर टेस्ट कराना चाहिए। छह महीने बाद भी अगर नेगेटिव आता है तो आप खुद को सेफ मान सकते हैं। शरीर में वायरस की एंट्री से लेकर उसके एक्टिव होने तक के समय को विंडो पीरियड कहा जाता है। इस पीरियड में एचआईवी का टेस्ट से भी पता भले ही न चलता हो, लेकिन जिसके शरीर में वायरस है वह इसे दूसरे को ट्रांसफर जरूर कर सकता है।



एड्स का इलाज -


एड्स अब लाइलाज नहीं -




उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक चिकित्सक ने अपने कठिन परिश्रम व लगन से एड्स जैसे लाइलाज बीमारी की आयुर्वेदिक दवा बनायी है जिसका भारत सरकार ने पेटेन्ट कर लिया है।


कुशीनगर के लक्ष्मीगंज के पास वगहा खुर्द निवासी डॉ. संतोष कुमार ने आटोमोवाइल से इंजीनियरिंग करने के बाद आयुर्वेदाचार्य की डिग्री ली और कड़ी मेहनत व लगन से एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के लिए लक्ष्मीगंज में अपना अनुसंधान करके विशुद्ध रूप से हानि रहित हर्बल दवा बनायी जिसमें 16 माह में एड्स से निर्मूल रूप से मुक्ति मिल सकती है।


डॉ. पाण्डेय ने पत्रकारों को बताया कि इस दवा के पेटेन्ट के लिए नई दिल्ली स्थित भारत सरकार की पेटेन्ट कार्यालय में छह वर्ष पूर्व आवेदन किया गया था जिसको गहन जांच के बाद 19 जुलाई 2010 को बीस वर्षों के लिए पेटेन्ट कर दिया गया है। इस दवा से एचआई पॉजीटिव रोगी बिलकुल मुक्त हो जाएंगे।


Presented by- Ravi Srivastava.
(मेरी पत्रिका और टोटल हेल्थ केयर में एक साथ प्रकाशित)
With Thanks to Josh18.com
http://josh18.in.com/showstory.php?id=720302
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18 Comments:

Sonal said...

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MUKESH RAWAL said...

Please doctor ka number bataye

MUKESH RAWAL said...

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Unknown said...
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Narender Kumar said...
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Narender Kumar said...
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Narender Kumar said...
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HARI CHAND said...

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RAVINDR KUMAR SAGAR said...

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Vivek Thakur said...
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Sadiq Rashi said...

नमस्कार, मेरा नाम सादिक rashi मैं कैसे महान मुस्लिम अल्फा मेरे एचआईवी रोग से चंगा करने में सक्षम था पर इस गवाही साझा करने के लिए बहुत खुश हूँ है, वैसे मैं 25 वीं जून 2014 को सकारात्मक पाया गया था, और जब से मैं के लिए देख रहा है इलाज के लिए एक तरह से करने के लिए और मुझ से इस बीमारी का इलाज है, लेकिन सभी तरीके मैं कोशिश वहाँ कोई समाधान नहीं था, कुछ हफ्ते पहले मैं कैसे अल्फा उन्हें एचआईवी रोग से इलाज करने में सक्षम था पर कुछ लोगों की गवाही देखा था, पर अभी भी मैं इसके बारे में सुना मीडिया पर जब एक युवा महिला भी इस एक ही अल्फा के बारे में उसकी गवाही, अच्छी तरह से कोई उम्मीद नहीं है मैं संदेश अल्फा उसे अपने सभी समस्या को बताने के साथ छोड़ दिया था, उसने मुझे बताया कि क्या हम कहाँ क्या करने जा रहा है, कि वह जा रहा था नीचे मेरे देश भारत के लिए करने के लिए आ मेरे लिए ठीक है और वह चिकित्सा सत्र के बाद कि वह जांच के लिए अस्पताल ले जाने के लिए पूछने के लिए 5 दिन के लिए रुके थे और बाद में मैंने किया है कि मैं आकर उसे अच्छी खबर परिणाम बता, पहली बार में जब उसने मुझे बताया कि मुझे ऐसा करना चाहिए था सदमे और अभी भी विश्वास नहीं था कि मैं ठीक हो जाएगा, अच्छी तरह से दोस्त मेरी कहानी को कम करने के लिए मैं एचआईवी अब नकारात्मक हूं दु: ख के कई समय के बाद, मैं नकारात्मक हूँ और मेरी बीमारी चले गए हैं, मैं इस आदमी के लिए अग्रणी के लिए भगवान का शुक्र है, वह ई-मेल पता है कि आप किसी भी समस्या है, तो khristosmohammed@hotmail.com वह आप के लिए मदद की जा सकती है ..
सर भगवान तुम्हें आशीर्वाद दे सकता।

AMANDA KARIPETRA said...

मैं हूँ AMANDA KARIPETRA संयुक्त राज्य अमेरिका में रहते हैं, मैं दाद से पीड़ित हो की है, कई वर्षों से, 7year की अवधि, इलाज के बिना। एक वफादार दिन मैंने देखा एक इंटरनेट पर लेख एक महिला चिकित्सक ise और यह कैसे के बारे में बात कर रहे थे चिकित्सक ने उसे एचआईवी के स्थायी रूप से ठीक हो। मैं उसे अपने ईमेल के माध्यम से संपर्क: ISESPIRITUALSPELLTEMPLE@GMAIL.COM और उसे मेरी बीमारी के बारे में बताया। इस भट्ठी आदमी मेरे दाद संक्रमण रोग ठीक हो। उन्होंने कहा कि मुझे हर्बल दवा है कि मुझे पूरी तरह से चंगा भेजा है। आज मैं `रहने वाले खुशी और दाद से मुक्त। मैं अपने दिमाग पर निष्कर्ष निकालना था कि वहां कोई है इलाज, वह मालिक है और आईएसई हर्ब अनुसंधान केन्द्र के संस्थापक है [IHRC] डॉ .ISE एचआईवी, Zika, एचपीवी, अस्थमा, मधुमेह, उपदंश, कम शुक्राणु के लिए इलाज गिनती, कैंसर, पागलपन, हेपेटाइटिस, बैक्टीरिया और परजीवी के संक्रमण और अन्य संबंधित वायरल संक्रमण। उन्होंने अभ्यास में 15 साल के खर्च के लिए किया था अध्यात्मवाद, सलाहकार, जड़ी बूटियों और आध्यात्मिक साधन का उपयोग कर इलाज करने के लिए पूरी दुनिया में बीमारी। मुख्य कारण है कि मैं इस गवाही लिख रहा हूँ अपने महान कामों के बारे में पूरी दुनिया को सूचित करने के लिए, और वह एक हर्बल डॉक्टर है जो घातक बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। उन्होंने यह भी एक महान जादू कॉस्टर मैं नहीं था किसी भी डॉक्टर इस भट्ठी आदमी की तरह इतना शक्तिशाली देखते हैं, वह कई जीवन को बचाने के लिए किया था। तुम उसे के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं; ISESPIRITUALSPELLTEMPLE@GMAIL.COM ...

AMANDA KARIPETRA said...

मैं हूँ AMANDA KARIPETRA संयुक्त राज्य अमेरिका में रहते हैं, मैं दाद से पीड़ित हो की है, कई वर्षों से, 7year की अवधि, इलाज के बिना। एक वफादार दिन मैंने देखा एक इंटरनेट पर लेख एक महिला चिकित्सक ise और यह कैसे के बारे में बात कर रहे थे चिकित्सक ने उसे एचआईवी के स्थायी रूप से ठीक हो। मैं उसे अपने ईमेल के माध्यम से संपर्क: ISESPIRITUALSPELLTEMPLE@GMAIL.COM और उसे मेरी बीमारी के बारे में बताया। इस भट्ठी आदमी मेरे दाद संक्रमण रोग ठीक हो। उन्होंने कहा कि मुझे हर्बल दवा है कि मुझे पूरी तरह से चंगा भेजा है। आज मैं `रहने वाले खुशी और दाद से मुक्त। मैं अपने दिमाग पर निष्कर्ष निकालना था कि वहां कोई है इलाज, वह मालिक है और आईएसई हर्ब अनुसंधान केन्द्र के संस्थापक है [IHRC] डॉ .ISE एचआईवी, Zika, एचपीवी, अस्थमा, मधुमेह, उपदंश, कम शुक्राणु के लिए इलाज गिनती, कैंसर, पागलपन, हेपेटाइटिस, बैक्टीरिया और परजीवी के संक्रमण और अन्य संबंधित वायरल संक्रमण। उन्होंने अभ्यास में 15 साल के खर्च के लिए किया था अध्यात्मवाद, सलाहकार, जड़ी बूटियों और आध्यात्मिक साधन का उपयोग कर इलाज करने के लिए पूरी दुनिया में बीमारी। मुख्य कारण है कि मैं इस गवाही लिख रहा हूँ अपने महान कामों के बारे में पूरी दुनिया को सूचित करने के लिए, और वह एक हर्बल डॉक्टर है जो घातक बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। उन्होंने यह भी एक महान जादू कॉस्टर मैं नहीं था किसी भी डॉक्टर इस भट्ठी आदमी की तरह इतना शक्तिशाली देखते हैं, वह कई जीवन को बचाने के लिए किया था। तुम उसे के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं; ISESPIRITUALSPELLTEMPLE@GMAIL.COM ...

ODISHAJOBS said...

Good blog

Unknown said...

Please no. Dejiye doc. Sahab ka please